मुंबई प्रतिनिधी
मुंबई : दि. २६ ऑक्टोबर २०२६ ऑफ योजना दर्पण की नवी मुंबई में बैठक: महिलाओं के लिए CSR में 1/18 हिस्से की माँग को लेकर 7,223 ज्ञापन सौंपे गए, जिलों से राष्ट्रपति तक पहुँचेगी आवाज़नवी मुंबई, 23 अक्टूबर 2026। महिला विकास एवं जन-जागरूकता के लिए कार्यरत संस्था वॉइस ऑफ योजना दर्पण एसोसिएशन (Voice of Yojna Darpan Association) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन IMC चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नवी मुंबई में किया गया। बैठक में संस्था की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों सहित महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि, कार्यकर्ता और सदस्य उपस्थित रहे।बैठक का मुख्य विषय संस्था का “दीप से दीप तक अभियान” रहा, जिसके अंतर्गत यह माँग की जा रही है कि कंपनियों के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कोष का कम से कम 1/18 हिस्सा, यानी लगभग 5.56 प्रतिशत, महिलाओं के विकास, स्वरोज़गार और आत्मनिर्भरता पर खर्च किया जाए।बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा उपस्थित सभी प्रतिनिधियों को कुल 7,223 ज्ञापन सौंपे गए। प्रत्येक ज्ञापन एक अलग कंपनी के नाम से तैयार किया गया है। ये प्रतिनिधि अपने-अपने जिलों में जिलाधिकारी (DM) अथवा जिला कलेक्टर (DC) के माध्यम से ये ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति को भेजेंगे। इसके साथ ही अभियान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी प्रतिनिधियों को पोस्टर तथा अभियान की जानकारी वाली पुस्तिका (बुकलेट) भी वितरित की गई, ताकि गाँव-गाँव और शहर-शहर तक अभियान का संदेश पहुँचाया जा सके।बैठक में बताया गया कि देश की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है, परंतु CSR कोष में महिलाओं के विकास पर होने वाला खर्च बहुत कम है। संस्था का मानना है कि महिलाओं की आय का बड़ा हिस्सा परिवार, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च होता है, इसलिए महिलाओं में किया गया निवेश पूरे परिवार और समाज को मज़बूत करता है। स्वरोज़गार, कौशल प्रशिक्षण, पशुपालन, कृषि, स्वयं सहायता समूह और बालिका शिक्षा जैसे क्षेत्रों में CSR निधि का उपयोग कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि “दीप से दीप तक अभियान” के अंतर्गत संस्था इससे पहले भी महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, महाराष्ट्र के राज्यपाल, मंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों को ज्ञापन भेज चुकी है। जिलों के माध्यम से भेजे जा रहे ये 7,223 ज्ञापन अभियान का अगला चरण हैं।बैठक के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने जिलों में ज्ञापन समय पर प्रशासन को सौंपेंगे और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ेंगे।







